14th June, 2018
खुल के बोल – Open Mike Session.

नज़्मों,कविताओं और क़िस्सों के ज़रिये तहज़ीब के शहर में हुई मुद्दे की बात |

ब्रेकथ्रू द्वारा महिला सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित ओपेन माइक ‘खुल के बोल’ में युवा कवियों और लेखकों ने अपनी क़लम की शब्दों की ज़ुबान दी और इस मुद्दे पर अपने विचार रखे।
युवा कवि आयुष ने अपनी कविता इस कविता को पढ़ते हुए चर्चा को आगे बढ़ाया कुछ दरोज़ पहले ही आई थी वो लड़की
कल तक थी कलेजे की ठंडक
आज राख बन गई वो लड़की
ग्रह लक्ष्मी बन कर आई थी घर में पर
दहेज कम लाई थी वो लड़की ।
इसके साथ कई अन्य युवाओं ने भी अपनी कला से माध्यम से महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी राय रखी।

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